भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी की गिनती महान कप्तानों में की जाती है, जिसमें उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने काफी शानदार प्रदर्शन किया है। हालांकि धोनी पर कुछ आरोप भी लगते हैं उन्होंने टीम इंडिया के कुछ बड़े खिलाड़ियों को बाहर करने में अहम भूमिका निभाई थी। अब इसको लेकर उस समय भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता रहे संदीप पाटिल ने एक यूट्यूब शो पर बयान दिया है। संदीप पाटिल ने इस बात से पर्दा उठाया कि क्या कभी धोनी ने युवराज सिंह को स्क्वाड से बाहर किए जाने को लेकर चयन समिति की मीटिंग में कहा था या नहीं।
टीम इंडिया के पूर्व मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल ने एक यूट्यूब शो पर एमएस धोनी पर युवराज सिंह को बाहर किए जाने को लेकर लगने वाले आरोप को लेकर कहा कि धोनी ने एक बार भी नहीं ना ही चयन समिति की मीटिंग में और ना ही किसी दौरे के दौरान कहा कि युवराज सिंह को बाहर करो। मैं यह बयान रिकॉर्ड पर कह रहा हूं। धोनी ने हमेशा चयन समिति पर पूरा भरोसा जताया। युवराज सिंह को टीम से बाहर किए जाने के फैसले में धोनी की किसी तरह से भी कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने कभी चयन प्रक्रिया में दखल नहीं दिया। संदीप पाटिल ने कहा कि टीम में किसे रखना है और किसे नहीं, यह फैसला हमेशा चयन समिति ही करती थी।
युवराज सिंह को जब टीम इंडिया से बाहर किया गया था तो उसके बाद से उनके पिता इसको लेकर कई बार सार्वजनिक तौर पर धोनी को दोषी ठहराते हुए दिखाई दिए हैं। योगराज सिंह के अनुसार युवराज के पास उस समय चार से पांच साल और इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने का समय था। इसको लेकर वह धोनी को कभी माफ नहीं करेंगे। बता दें कि युवराज सिंह की गिनती वर्ल्ड क्रिकेट के सबसे बड़े मैच विनर खिलाड़ियों में की जाती है, जिन्होंने टीम इंडिया को साल 2007 में टी20 वर्ल्ड कप और साल 2011 में वनडे वर्ल्ड कप जिताने में बल्ले और गेंद दोनों से अहम भूमिका अदा की थी।
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